मगर उन नाज़ुक मुस्कानों ने सब दर्द छुपा रखा है…
हम भी परिंदों की तरह उसकी एक झलक के भिखारी बन गए,
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
पर सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं।
यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,
अब ना भटकते हैं, ना रोते—बस बदल चुके हैं।
निगाहों में अभी तक कोई चेहरा ही नही आया,
की कोई था जो बिना मतलब के चाहता था तुम्हे…!
की आदमी ही Sad Shayari in Hindi आदमी को जाल में फसाने लगा है…!
क्योंकि वो बड़े लोग हैं अपनी मर्जी से बात करेंगे…!
गुमान तक ना हुवा की वो बिछड़ने वाली है !
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
ब्रेकअप के बाद ऐसी शायरी लिखी जाती है जो दर्द, सुकून और सीख — तीनों को दिखाए।
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो,